शनिवार, 26 सितंबर 2015
रविवार, 20 सितंबर 2015
रविवार, 13 सितंबर 2015
शुक्रवार, 4 सितंबर 2015
A poem for you to read
बच्चा पढ़ता ध्यान से, खेलकूद के साथ.भूल करे समझाइये, बिन लगाये हाथ.
मारपीट से टूटता, बच्चों का विश्वास.नफ़रत उनमें जागती, ले बदले की आस.
शिक्षक में वह शक्ति है, दूर करे अज्ञान.ज्ञान ज्योति का प्रज्जवलित, गढ़ दे व्यक्ति महान.
ईश्वर से बढ़ कर करो, शिक्षक का सम्मान.ईश्वर देता ज़िंदगी, शिक्षक देता ज्ञान.
जो कुछ भी बच्चा बने, शिक्षक उसका मूल.शिक्षक से उपकार को, कौन सकेगा भूल.
सच्चे शिक्षक को सदा, बच्चों पर विश्वास.मार-पीट से दूर रह, इनका करें विकास.
हर शिक्षक को चाहिए, बच्चों से सम्मान.इनको देकर पाइये, ज्ञान और विज्ञान.
शिक्षक की छाया मिले, तो बढ़ जाता ज्ञान.जिन पर रख दें हाथ ये, वे नर बनें महान.
जैसे बच्चा खोजता, शिक्षक एक महान.उसी तरह खोजें उसे, विद्याधर विद्वान.
सच्चे शिक्षक शिष्या पर, कभी ना करते क्रोध.क्रोध उन्हें क्यों आ रहा, इस पर करते शोध.
पढ़ना-लिखना, सीखना, हो जाता बेकार.मन इनका रोता बहुत, जब पड़ती है मार.
शिक्षक ने श्री राम को, दिया अनोखा ज्ञान.चरण छुवत, पूजा करत, यद्यपि वह भगवान.
शिक्षक से मत पालिये, अपने मन में बैर.शिक्षक तो भगवान है, चाहे सबकी खैर.
सच्चा शिक्षक है वही, जिसके मन में राम.पढ़ना लिखना छोड़ कर, करे न दूजा काम.
उस शिक्षक की कीजिये, निंदा सौ-सौ बार.सरे आम जो कर रहा, शिक्षा का व्यापार.
ऐसे शिक्षक का सदा, करो घोर अपमान.कक्षाओं से दूर रह, करे दूसरे काम.
एक भरा है ज्ञान से, दूजा शक्ति प्रधान.दोनों यदि मिल जायें तो, भारत बने महान.
सोच-समझ कर कीजिए, शिक्षक से व्यवहार.शिक्षक ने ठुकरा दिया, तो सब बंटाधार.
घर में माता-पिता हैं, और भरा परिवार.शिक्षक इन सबसे बड़ा, वही लगाता पार.
सच्चे शिक्षक की सदा, यही एक पहचान.समदर्शी वह सभी को, माने पुत्रा समान
मारपीट से टूटता, बच्चों का विश्वास.नफ़रत उनमें जागती, ले बदले की आस.
शिक्षक में वह शक्ति है, दूर करे अज्ञान.ज्ञान ज्योति का प्रज्जवलित, गढ़ दे व्यक्ति महान.
ईश्वर से बढ़ कर करो, शिक्षक का सम्मान.ईश्वर देता ज़िंदगी, शिक्षक देता ज्ञान.
जो कुछ भी बच्चा बने, शिक्षक उसका मूल.शिक्षक से उपकार को, कौन सकेगा भूल.
सच्चे शिक्षक को सदा, बच्चों पर विश्वास.मार-पीट से दूर रह, इनका करें विकास.
हर शिक्षक को चाहिए, बच्चों से सम्मान.इनको देकर पाइये, ज्ञान और विज्ञान.
शिक्षक की छाया मिले, तो बढ़ जाता ज्ञान.जिन पर रख दें हाथ ये, वे नर बनें महान.
जैसे बच्चा खोजता, शिक्षक एक महान.उसी तरह खोजें उसे, विद्याधर विद्वान.
सच्चे शिक्षक शिष्या पर, कभी ना करते क्रोध.क्रोध उन्हें क्यों आ रहा, इस पर करते शोध.
पढ़ना-लिखना, सीखना, हो जाता बेकार.मन इनका रोता बहुत, जब पड़ती है मार.
शिक्षक ने श्री राम को, दिया अनोखा ज्ञान.चरण छुवत, पूजा करत, यद्यपि वह भगवान.
शिक्षक से मत पालिये, अपने मन में बैर.शिक्षक तो भगवान है, चाहे सबकी खैर.
सच्चा शिक्षक है वही, जिसके मन में राम.पढ़ना लिखना छोड़ कर, करे न दूजा काम.
उस शिक्षक की कीजिये, निंदा सौ-सौ बार.सरे आम जो कर रहा, शिक्षा का व्यापार.
ऐसे शिक्षक का सदा, करो घोर अपमान.कक्षाओं से दूर रह, करे दूसरे काम.
एक भरा है ज्ञान से, दूजा शक्ति प्रधान.दोनों यदि मिल जायें तो, भारत बने महान.
सोच-समझ कर कीजिए, शिक्षक से व्यवहार.शिक्षक ने ठुकरा दिया, तो सब बंटाधार.
घर में माता-पिता हैं, और भरा परिवार.शिक्षक इन सबसे बड़ा, वही लगाता पार.
सच्चे शिक्षक की सदा, यही एक पहचान.समदर्शी वह सभी को, माने पुत्रा समान
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